सोलर पैनल कैलकुलेटर

सोलर पैनल सिस्टम का आकार, लागत, बचत और पेबैक अवधि की गणना करें। संघीय कर क्रेडिट और पर्यावरणीय प्रभाव अनुमान शामिल।

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अंतिम अपडेट: जनवरी 2026

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेरे घर के लिए कितने सोलर पैनल चाहिए?
यह आपकी बिजली खपत पर निर्भर करता है। भारतीय घर औसतन 200-300 यूनिट/माह (2,400-3,600 kWh/वर्ष) खपत करते हैं। 400W पैनल से प्रतिदिन ~1.8 kWh (4.5 पीक घंटे) उत्पादन होता है, तो 3-5 kW सिस्टम के लिए 8-12 पैनल चाहिए। फॉर्मूला: वार्षिक kWh ÷ (365 × पीक धूप × पैनल W × 0.8) = पैनल संख्या
भारत में सोलर पैनल के लिए क्या सब्सिडी मिलती है?
PM सूर्य घर योजना: 3 kW तक ₹78,000 और 3-10 kW तक ₹1,18,000 सब्सिडी। राज्य अनुदान: गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र में अतिरिक्त सहायता। नेट मीटरिंग: अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचें। GST छूट: सोलर उपकरणों पर 5% GST। DISCOM से संपर्क करें विस्तृत जानकारी के लिए।
सोलर पैनल का पैसा कितने समय में वापस आता है?
भारत में 4-6 साल में निवेश वापस। कारक: बिजली दर (₹6-10/यूनिट), धूप (राजस्थान 6 घंटे, उत्तर भारत 4-5 घंटे पीक), सब्सिडी। सब्सिडी के बाद 3 kW सिस्टम ₹1-1.5 लाख का पड़ता है। पेबैक के बाद 15-20 साल मुफ्त बिजली।
25 साल में सोलर से कितनी बचत होगी?
5 kW सिस्टम से 25 साल में ₹8-15 लाख बचत संभव। उदाहरण: वार्षिक 6,000 यूनिट उत्पादन, ₹8/यूनिट दर पर ₹48,000/वर्ष बचत। बिजली दरें सालाना 5-7% बढ़ती हैं, इसलिए वास्तविक बचत और भी अधिक। नेट मीटरिंग से अतिरिक्त आय भी।
सोलर पैनल की कार्यक्षमता किन कारकों पर निर्भर करती है?
मुख्य कारक: 1) धूप (राजस्थान 6h, दिल्ली 5h, मुंबई 4.5h पीक), 2) छत की दिशा (दक्षिण सर्वोत्तम), 3) छाया (पेड़, बिल्डिंग), 4) झुकाव (15-25° भारत में), 5) तापमान (25°C से ऊपर हर °C पर 0.4% कमी—गर्म क्षेत्रों में महत्वपूर्ण), 6) ब्रांड (Tata Power, Adani, Waaree, Loom Solar भरोसेमंद)